दुरस्त शिक्षा क्या होता है
दुरस्त शिक्षा
जैसा कि नाम से ही प्रतीत हो रहा है दूर से जो शिक्षा ली जाए दुरस्त शिक्षा कहलाता है।
आज के बदलते भौगोलिक परिवेश में जब हमारी जनसंख्या 137 करोड़ के पार जा रही है गरीबी एक बड़ी जटिल बीमारी है इससे भी इंकार नही किया जा सकता।
आमतौर पर हाईस्कूल या बारहवीं के बाद लाखो ऐसे युवा है जिनको पढ़ाई छोड़ना पड़ता है काम करना पड़ता है पारिवारिक जीविका के लिए या बहुत सारी परिस्थितियों में पढ़ाई रेगुलर रेगुलर कैंपस में नही हो पाती है।
डिस्टेंस एजुकेशन का निर्माण इसी को ध्यान में रख कर किया गया था दुरस्त शिक्षा निदेशालय (DEB) की देख रेख में भारत की 25 प्रतिशत बड़ी रपुटेड यूनिवर्सिटी को दुरस्त शिक्षा की जिम्मेदारी दी गयी है।
दूर दराज के बच्चे जो शहर आ कर होस्टल ले कर मेन कैंपस में पढ़ाई नही कर सकते उनके लिए ये एक सुनहरा मौका होता है।
जैसे उदाहरण स्वरूप इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ 2013 से लगातार दुरस्त शिक्षा में अपनी सेवा दे रहा है लगभग सभी कोर्स में।
एडवांटेज: दुरस्त शिक्षा कहीं से कभी भी हासिल की जा सकती है फीस काफी कम रखा जाता है जिससे समाज के आखिर पायदान का भी विद्यार्थी इसे हासिल कर सकता है समय आपका होता है कोई बंदिश नही होता यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को सेल्फ लर्निंग मटेरियल भेजती है सभी सेमेस्टर का अलग अलग।
डिसएडवांटेज: टेक्निकल कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन में संचालित नही हो सकता है। जैसे B.Tech, M.Tech, Polytechnic इत्यादि।
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